बुधवार, 29 अक्टूबर 2014

शायरी-2

"जो मेरे ख्वाबों में आकर मेरी शायरी बन जाए,
नसीबों से लड़ कर मेरी जिंदगी बन जाए,
उसके लिए हर लम्हा कुछ खास करता हूँ,
मैं उस मुहब्बत कि तलाश करता हूँ"!!
- सुमन "रौशन"

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